राजस्थान के प्रमुख युद्ध


राजस्थान के प्रमुख युद्ध | Rajasthan ke pramukh yudh

युद्ध _______________वर्ष



अब_____आबू का युद्ध कब हुआ था- 1178

ता________तराइन प्रथम का युद्ध 1191

त_________तराइन का द्वितीय युद्ध 1192

रण________रणथम्भोर का युद्ध 1301

चुनो_______चित्तोड का प्रथम युद्ध 1303

सिवाना_________सिवाना का युद्ध 1308

जै_________जालोर का युद्ध 1311

सा_________सारगंपुर का युद्ध 1437

खत_________खातोली का युद्ध 1517

बाडी_____बाड़ी(धौलपुर)का युद्ध 1518-19

गान_________गागरोन का युद्ध 1519

बयान________बयाना का युद्ध  1527

सुन_________$ilent word

खान________खानवा का युद्ध 1527

गिरा_________गिरीसुमेल का युद्ध 1544

चित्तोड़____चित्तोड का द्वितीय युद्ध 1567-68

हार_________हल्दीघाटी का युद्ध 1576

कर________कुम्भलगढ का युद्ध 1578

दिवेर_________दिवेर का युद्ध 1582

जीता___________$ilent word

मतीरे_की_______मतीरे का युद्ध 1644

दारू__________दोराई का युद्ध 1659

पी____________पिलसुद का युद्ध 1715

मंदसोर________मंदसोर का युद्ध 1733

राज__________राजमहल का युद्ध1747

बगरू_______बगरू का युद्ध कब हुआ1748

भटकता_______भटवाडा का युद्ध1761

तुंगा_________तुंगा का युद्ध 1787

गिंगोली______गिंगोली का युद्ध1807

बीच_____बिथोरा का युद्ध 8Sep.1857

चला_____चेलावास का युद्ध18 Sep.1857

आया_____आउवा का युद्ध 20 jan.1858



राजस्थान के ऐतिहासिक युद्ध – भाग 1



खानवा का युद्ध कब हुआ- 1527



खानवा का युद्ध किसके बीच हुआ- महाराणा सांगा एवं बाबर के बीच



कोसाणा का युद्ध कब हुआ- 1492



कोसाणा का युद्ध किसके बीच हुआ- मारवाड़ के सातलदेव व अजमेर के सूबेदार मल्लू खां के बीच



सांरंगपुर का युद्ध कब हुआ- 1437



सारंगपुर का युद्ध किसके बीच हुआ- महाराणा कुम्भा एवं महमूद ख़िलजी के बीच



जालौर का युद्ध कब हुआ- 1308



जालौर का युद्ध किसके बीच हुआ- कान्हड़देव एवं अलाउद्दीन के बीच



तराइन का प्रथम युद्ध किस-किस के बीच लड़ा गया- पृथ्वीराज चौहान तृतीया और मोहम्मद गौरी के बीच



तराइन का द्वितीय युद्ध कब हुआ- 1192 में



तराइन का द्वितीय युद्ध किसके बीच हुआ- पृथ्वीराज चौहान तृतीया और मोहम्मद गौरी के बीच



रणथम्भौर का युद्ध कब हुआ- 1301



चित्तौड़गढ़ का युद्ध कब हुआ – 1303



चित्तौड़गढ़ का युद्ध किसके बीच हुआ- अलाउद्दीन ख़िलजी एवं महाराणा रत्नसिंह



सिवाना का युद्ध कब हुआ- 1308



सिवाना का युद्ध किसके बीच हुआ- परमार शीतलदेव एवं अलाउद्दीन ख़िलजी



हल्दीघाटी का युद्ध कब हुआ- 1576



हल्दीघाटी का युद्ध किसके बीच हुआ – मुग़ल सेनानायक आसफखां , मानसिंह एवं महाराणा प्रताप



गिरी सुमेल का युद्ध कब हुआ- 1544



गिरी सुमेल का युद्ध किसके बीच हुआ- शेरशाह सूरी एवं मालदेव के सेनानायक जैता व कूपा के बीच



पहोवा का युद्ध कब हुआ- 1541



पहोवा का युद्ध किसके बीच हुआ- मारवाड़ के मालदेव व बीकानेर के महाराजा राज जैतसी



बाड़ी का युद्ध कब हुआ- 1519



बाड़ी का युद्ध किसके बीच हुआ- महाराणा सांगा एवं इब्राहिम लोदी के बीच



गागरोन का युद्ध कब हुआ- 1519



गागरोन का युद्ध किसके बीच हुआ- महाराणा सांगा एवं महमूद ख़िलजी द्वितीय



बयाना का युद्ध कब हुआ- 1527



बयाना का युद्ध किसके बीच हुआ- महाराणा सांग एवं मुगलों के बीच



नागदा का युद्ध कब हुआ- 1234



नागदा का युद्ध किसके बीच हुआ- मेवाड़ के राणा जैत्रसिंह एवं इल्तुतमिश



अजमेर का युद्ध कब हुआ था- 1135



अजमेर का युद्ध किसके बीच हुआ था- अर्णोराज व तुर्कों के बीच



तैहंद का युद्ध कब हुआ- 1008



तैहंद का युद्ध किसके बीच हुआ- राजा अनंतपाल एवं महमूद गजनवी के बीच



किस युद्ध में सांभर के चौहानों ने आनंदपाल का साथ दिया- वैहंद के युद्ध में



आबू का युद्ध कब हुआ था- 1178



आबू का युद्ध किसके बीच हुआ- मूलराज द्वितीय व मोहम्मद गौरी



खातोली का युद्ध कब हुआ- 1517



खातोली का युद्ध किसके बीच हुआ- महाराणा सांगा एवं इब्राहिम लोदी के बीच



राजस्थान के ऐतिहासिक युद्ध – भाग 2



लस्करी का युद्ध कब लड़ा गया- 1803



लस्करी का युद्ध किसके बीच लड़ा गया  – दौलतराम सिंधिया व लार्ड लेक के मध्य



हरमाड़ा का युद्ध कब हुआ- 1557



हरमाड़ा का युद्ध किसके बीच हुआ- हाजीखां एवं राणा उदयसिंह



हडक्याखाल का युद्ध किसके बीच  हुआ- मराठों व सिसोदिया राजा के मध्य



बासणी का युद्ध किसके बीच हुआ- बीकानेर व जैसलमेर की सेनाओं के बीच



लक्ष्मणगढ़ का युद्ध कब हुआ- 1778



लक्ष्मणगढ़ का युद्ध किसके बीच हुआ- सवाई प्रतापसिंह व मिर्ज़ा नजफखां



आउवा का युद्ध कब हुआ- 1857



आउवा का युद्ध किसके मध्य  हुआ- ठाकुर कुशालसिंह ने अंग्रेज व जोधपुर की संयुक्त सेनाओं को हराया



बिठोड़ा का युद्ध कब हुआ- 1857



बिठोड़ा का युद्ध किसके बीच हुआ- ठाकुर कुशालसिंह व कैप्टेन हीथकोट



मंगरोल का युद्ध कब हुआ- 1821



मंगरोल का युद्ध किसके बीच हुआ- कर्नल जेम्स टॉड व जालमसिंह जी सेना ने कोटा महारावल किशोरसिंह को हराया



लासबाड़ी का युद्ध कहाँ लड़ा गया- अलवर के  निकट



गीगोली का युद्ध कब हुआ- 1807



गीगोली का युद्ध किसके बीच हुआ- जयपुर व जोधपुर की सेना के मध्य



पाटन का युद्ध कब हुआ- 1790



पाटन का युद्ध किसके बीच हुआ- सिंधिया व जोधपुर-जयपुर की संयुक्त सेना



तुंगा का युद्ध कब हुआ- 1787



तुंगा का युद्ध किसके बीच हुआ- सवाई प्रतापसिंह व जोधपुर महाराजा विजयसिंह की संयुक्त सेना ने मराठा सरदार धिया के बीच



भटवाड़ा का युद्ध कब हुआ- 1761



भटवाड़ा का युद्ध किसके बीच हुआ- कोटा सेनानायक जालमसिंह झाला व जयपुर के माधोसिंह



कंकोड का युद्ध कब हुआ- 1759



कंकोड का युद्ध किसके बीच हुआ – जयपुर महाराजा सवाई माधोसिंह व मराठा होल्कर के बीच



पीपाड़ का युद्ध कब हुआ- 1750



पीपाड़ का युद्ध किसके बीच हुआ- बख्तसिंह व रामसिंह के मध्य



बगरू का युद्ध कब हुआ- 1748



बगरू का युद्ध किसके बीच हुआ- ईश्वरीसिंह व माधोसिंह



राजमहल का युद्ध कब हुआ- 1747



राजमहल का युद्ध किसके बीच हुआ- ईश्वरीसिंह व माधोसिंह



मन्दसौर का युद्ध कब हुआ- 1733



मन्दसौर का युद्ध किसके बीच हुआ- सवाई जयपुर व मराठों के मध्य



पिलसूद का युद्ध कब हुआ- 1715



पिलसूद का युद्ध किसके बीच हुआ- सवाई जयपुर व मराठों के मध्य



खजुवाहा का युद्ध कब हुआ- जनवरी 1659



खजुवाहा का युद्ध किसके बीच हुआ- शाहशुजा व औरंगजेब के बीच



दौराई का युद्ध कब हुआ- 1659



दौराई का युद्ध किसके बीच हुआ- दाराशिकोह व औरंगजेब के बीच



सामगढ़ का युद्ध कब हुआ- 1658



सामगढ़ का युद्ध किसके बीच हुआ- दाराशिकोह व औरंगजेब के बीच



धरमत का युद्ध कब हुआ- अप्रैल 1658



धरमत का युद्ध किसके बीच हुआ- दाराशिकोह व औरंगजेब के बीच



बहादुरगढ़ का युद्ध कब हुआ- 1658



बहादुरगढ़ का युद्ध किसके बीच हुआ- मिर्ज़ा राजा जयसिंह व सुलेमान शिकोह



मतीरे की राड कब हुई- 1644



मतीरे की राड किसके बीच हुई- महाराजा कर्णसिंह व नागौर शासक अमरसिंह



: 🍀🌹राजस्थान के इतिहास से संबंधित तथ्य🌹🍀

चतुरसिंह

मेवाड़ के महाराणा (1879-1929)है



जिसने सुखेर गांव में झोपड़ी में रहकर जनोपयोगी साहित्य का सृजनकिया



यह संस्कृत हिंदी राजस्थानी मेवाड़ीके अच्छे ज्ञाता थे



शंख लिपि

इस में प्रयुक्त अक्षर शंख की आकृति से मेल खाते हैं

अभी तक अपढय,

जयपुर में विराट नगर की ग्रेनाइट पहाड़ियों की कंदराओं, बीजक की पहाड़ी भीम जी की डूंगरी, गणेश डूंगरीसे इस लिपि के प्रमाण मिले हैं



धर्मत का युद्ध

मारवाड़ के राजा जसवंत सिंह प्रथम द्वारा उत्तराधिकारी संघर्ष में शहजादा दाराकी ओर से औरंगजेब के विरुद्धयह युद्ध लड़ा गया था



यह युद्ध धरमत नामक स्थान पर लड़ा गया था

इस युद्ध मे औरंगजेब की विजयहुई थी

वर्तमान में धरमत मध्य प्रदेश राज्यमें स्थित है



30 वर्षीय युद्ध

मारवाड़ के राठौड़ द्वारा वीर दुर्गादास के नेतृत्व में यह युद्ध लड़ा गया था

अजीत सिंह को जोधपुर का शासक बनाने हेतु मुगलों के विरुद्ध यह युद्ध (लंबा संघर्ष) किया गया था



जांगलन्धर बादशाह

बीकानेर का शासक (1631-69) महाराणा करण सिंहहै



यह औरंगजेब का विशेष कृपापात्रथा



इस को औरंगजेब ने ही जांगलन्धर बादशाह की उपाधि दी थी



यतुन्निसा

यतुन्निसा औरंगजेब के विद्रोही शहजादे अकबर की पुत्रीथी



इसका लालन-पालन और कुरान की शिक्षा व्यवस्था दुर्गादास राठौर ने अपने सान्निध्य मे की थी



जोधपुर लीजन

ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा 1818की संधि के बाद जोधपुर के सवारों को अकुशल बताकर जोधपुर लीजन का गठन किया गया



जिसका खर्चा एक लाख पंद्रह हजार रुपए था

जोधपुर लीजन का मुख्यालय अजमेर बड़गांव (सिरोही) एरिनपुरा (पाली) में था



जाखरी सम्मेलन

डूंगरपुर के कारावाडा गांव में 1946 में सम्मेलन का आयोजन किया गया था

जिसमें डूंगरपुर सेवा संघ के 18 सूत्री कार्यक्रमों की जानकारी दी गई थी

यह सभी जानकारियां राजनीतिक सुधार से संबंधित थी



अभिनव भारत

यह एक क्रांतिकारी संगठन था

जिसकी स्थापना राज्य के क्रांतिकारियोंद्वारा की गई थी

राज्य में सशस्त्र क्रांति के सूत्रदार केसरी सिंह बारहठ, राव गोपाल सिंह ,अर्जुन लाल सेठी, व दामोदर दास राठीने इस क्रांतिकारी संगठन की स्थापना की थी



कूरब

शासक द्वारा सामंत को दिए जाने वाले विशेष सम्मान की एक प्रथा है

इस प्रथा में शासक सामंत के कंधे पर हाथ रख कर अपनी छाती तक लेजाते हैं

इस प्रक्रिया से यह बताते हैं कि आप का स्थान मेरे हृदयमें है



बॉह पसाव

शासक द्वारा सामंत को दिए जाने वाले सम्मान की एक रस्म है

इस रस्म में सामंत का अभिवादन स्वीकार कर महाराणा या राजा सामंत के कंधे पर अपने हाथरखते थे



तासिमों

तासिमों धौलपुर जिलेका एक गांव है

यहां पर अप्रैल 1947 में श्री छतरसिंह व श्री पंचमसिंह ने तिरंगे झंडेके लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी



भोमिये

राजस्थान में रियासत काल में राजपूतों की एक जातिथी

यह वह राजपूत हैं जो राज्य की रक्षार्थ या राजकीय सेवाके लिए अपना बलिदान करते थे वह भोमियेकहलाए.



ग्रास व ग्रासिये

सैनिक सेवा के बदले शासकद्वारा दी गई भूमि ग्रासकहलाती थी

इस भूमि की उपज का उपयोग करने वाले सामंत जागीरदार ग्रासिये कहलाते थे



अभित्र हरि

इनका जन्म कोटा में हुआ था

यह एक प्रसिद्ध पत्रकार और कोटा प्रजामंडल के अध्यक्षथे

हाडौती में स्वतंत्रता आंदोलन के जनक कहलाते हैं



देश के दीवाने राजस्थान सरकार द्वारा प्रकाशित एक पुस्तक है



जिसमें राज्य के स्वतंत्रता  सेनानियोंकी कीर्ति कथाओं का वर्णनहै

स्वतंत्रता  सेनानियों की कीर्ति कथाओंके लिए इस पुस्तक में 51 सेनानियों के नामों को सम्मिलित किया गया था



डाण

एक राज्य से दूसरे राज्य में माल को ले जाने पर वसूली जाने वाली लाग डाण कहलाती है